चीन में बढ़ता हुआ बीएफ .7 का परकोप
चीन समेत कई देशों में कोरोना फिर से पैर पसार चुका है। (Coronavirus) कोरोना के कहर को देखते हुए भारत में एक बार फिर इसका आतंक दिखने लगा है।
इसलिए अब सभी को सावधानी की जरूरत है। चीन में तो स्थिति और भी खराब है। इसी बीच (Coronavirus Update) चीन में तबाही मचाने वाले ओमीक्रॉन के सब-वेरिएंट BF.7
ओमीक्रॉन के इस नए वेरिएंट ने भारत में भी एंट्री कर ली है।
BF.7 Omicron के BA.5 संस्करण का Sub- है।
इस वेरिएंट को ओमिक्रॉन स्पॉन के नाम से भी जाना जाता है। BF.7 सब-टाइप को पहली बार अक्टूबर में भारत में देखा गया था।
BF.क्या है :-
वायरस मूटेट होते हैं, तो वे लाइननेज और सब-लाइननेज बनाते हैं. BF.7, BA.5.2.1.7 के समान है, जो कि ओमीक्रॉन के सब- लाइननेज के BA.5 का sub-lineage है.
यहां पर लाइननेज से मतलब किसी के परिवार की वशांवली से है.
बता दें कि इसी महीने 'सेल होस्ट एंड माइक्रोब' जर्नल की एक स्टडी के अनुसार, BF.7 सब-वेरिएंट में ओरिजनल D614G वेरिएंट की तुलना में 4.4 गुना अधिक न्यूट्रलाइजेशन रेसिसटेंस हैं. आसान भाषा में कहें तो मान लीजिए आपने कोविड-19 की खुराक ले ली है
और इसी के चलते आपकी बॉडी में एंटीबॉडीज डेवलप्ड हो गईं होंगी और जो 2019 में कोरोनावायरस आया था.
इन एंटीबॉडीज से उनसे लड़ने की आपके शरीर में क्षमता आ गई थी, लेकिन ये एंटीबॉडीज उस तरह से इस वेरिएंट को खत्म नहीं कर सकती!
जिस तरह से पुराने वायरस को करती हैं. इसलिए ये बहुत खतरनाक है.
BF.7 की पहचान कैसे की जा सकती है
BF.7 से रहे बचकर फेफडो को नुकसान- जिन देशों में कोरोना के मामलों में भारी उछाल आया है वहां संक्रमितों में गंभीर लक्षण कम ही देखे गए हैं।
- ओमिक्रॉन BF.7 से संक्रमित ज्यादतर लोगों में गला खराब होने,
- नाक बहने या बंद नाक, छींक या बिना कफ वाली खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और आवाज में कर्कशता की समस्या देखी जा रही है।
- लोगों में इन लक्षणों के साथ लूज मोशन की भी दिक्कत हो सकती है।
ज्यादातर संक्रमित एसिम्टोमेटिक कोरोने के फिलहाल ज्यादातर संक्रमित एसिम्टोमेटिक हैं,
कि संक्रमित होने के बावजूद भी उनमें लक्षण नहीं नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञ इस तरह की स्थिति को संक्रमण बढ़ाने वाला मान रहे हैं। ऐसे लोगों के संपर्क में आने से कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में गंभीर खतरा हो सकता है।
फिलहाल चीन में संक्रमितों के मौत के बढ़ते मामले भी काफी चिंताकरक हैं।
ध्यान देने की बात है :-
शवों से भी बढ़ सकता है संक्रमण का जोखिम मृतकों की संख्या काफी बढ़ गई है रहे सतर्क :-
और शवघरों में भारी निगाहें जा रही हैं।
जापान के चिबा विश्वविद्यालय के शोधकर्ता हिसाको सैतोह ने न्यूयॉर्क की एक रिपोर्ट में चेतावनी जारी की है। वह कहते हैं,
कुछ देशों में लाशों को या तो परिजन घरों में वापस ले जा रहे हैं या लाशों को लावारिस छोड़ दिया जा रहा है।
और शवघरों में भारी भीड़ देखी जा रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में जापान में चिबा विश्वविद्यालय के शोधकर्ता हिसाको सैतोह ने चेतावनी जारी की है।
वह कहते हैं, कुछ देशों में संक्रमितों की लाशों को या तो परिजन घरों में वापस ले जा रहे हैं या फिर लाशों को लावारिस छोड़ दिया जा रहा है। यह और भी खतरनाक हो सकता है।
शवों में भी वायरस 15-17 दिनों तक रह सकता है जिसके संपर्क में आने के कारण लोगों के संक्रमित होने का खतरा है !
Note:- बच्चों में बढ़े मौत के मामले, और चीन और जापान में भी बिगड़े हालात
कोरोना का खतरा एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर सिर उठाता हुआ दिख रहा है।
चीन में हालात काफी गंभीर हो गए हैं, यहां संक्रमितों और मृतकों दोनों की संख्या बढ़ी है।
चीन के अलावा जापान और यूएस में भी कोरोना विस्फोट की खबरें हैं। जापान में कोरोना से संक्रमित कई बच्चों की मौत हो गई है।
जापान भी ओमिक्रॉन वैरिएंट का ही कहर देखा जा रहा है। हाल में मामलों के सर्वेक्षण में पाया गया है कि COVID-19 से मरने वाले लगभग आधे शिशुओं-बच्चों को पहले से कोई बीमारी नहीं थी
इस आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि नए वैरिएंट्स जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकते हैं, इसको लेकर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। चीन में पैरासिटामोल जैसी आवश्यक दवाइयों तक की कमी हो गई है।
America में भी बढ़ता हुआ बीएफ.7:
अमेरिका में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है।
जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक महामारी की शुरुआत से अब तक अमेरिका में कोरोना संक्रमितों की कुछ संख्या 100 मिलियन को पार कर गई है।
अमेरिका में फिलहाल कोरोना के 70 फीसदी मामलों के लिए ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट्स के ही प्रमुख कारण माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से चीन में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, यह पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का कारण हो सकता है, सभी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
इंडिया में भी चिंता हो रही है बीएफ. 7 के चलते हुए -
भारत में भी इस सब-वेरिएंट के अब तक 4 केस मिल चुके हैं. जिसके बाद चिंता का माहौल बन गया है. इसको लेकर केंद्र सरकार सतर्क है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई गाइडलाइंस भी जारी की है. सब-वेरिएंट BF.7 और इसे अब तक का सबसे ज्यादा खतरनाक सब-वेरिएंट क्यों कहा जा रहा है ?
शब्दों में कहें तो अगर किसी शख्स को पहले कोरोना हो चुका है या उसने वैक्सीन लगवाई है,
तो उसके शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है. BF.7 वेरिएंट
भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 129 नए केस मिले है.
24 घंटों में दर्ज एक मौत के साथ देश में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 3408 है.
BF.7 पर वैक्सीन होगी असरदार?
सेल होस्ट और माइक्रोब जर्नल का कहना है कि-
BF.7 वेरिएंट में वैक्सीन से मिलने वाली एंटीबॉडी को चकमा देने में सक्षम है. बीएफ-7 वेरिएंट में कोरोना वायरस के पहले वेरिएंट की तुलना में 4.4 गुना अधिक प्रतिरोधक क्षमता है!
अगर वैक्सीन से लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बनी भी है, तो भी ये वायरस उनको संक्रमित कर सकता है. कोरोना के स्पाइक प्रोटीन में R346T म्यूटेशन होने से बने इस वेरिएंट पर एंटीबॉडी असर नहीं करती है.
BF-7 को लेकर बढ़ी टेंशन, क्या है भारत की तैयारी?
कोरोना के बढ़ते मामले के बीच केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रा के दिशानिर्देश में बदलाव नहीं किया गया है लेकिन एयरपोर्ट पर रैंडम सैंपलिंग शुरू हो गई है.
20 दिसंबर को भारत सरकार ने चीन, अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में कोविड-19 के मामलों में तेजी के बीच सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से संक्रमित व्यक्तियों के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग में तेजी लाने के निर्देश जारी किए थे. साथ ही कोरोना वायरस के नए वेरिएंट पर नजर रखने का आदेश भी दिया था.
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे अपने पत्र में कहा था
परीक्षण-निगरानी-उपचार-टीकाकरण और कोविड- व्यवहार के जरिये भारत कोरोना वायरस के प्रसार को सीमित करने में कामयाब रहा है. इस तरह की कवायद देश में वायरस के नए स्वरूपों, यदि कोई हो, का समय पर पता लगाने में सक्षम बनाएगी !
राज्य सरकारें भी Bf.7 के लिए हो चुकी है सतर्क ?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इमरजेंसी बैठक बुलाई है.
यूपी और गुजरात में बाहर से आए लोगों के एयरपोर्ट पर जांच के आदेश दिए जा चुके हैं.
उत्तराखंड में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश पर एक नई कोविड एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी किए जाने की तैयारी है.
महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है.


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