बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में विराट कोहली को टी-20 इंटरनेशनल में अवसर नहीं दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड का कहना है
कि 34 वर्षीय विराट अब तीनों फॉर्मेट में क्रिकेट खेलने के लिए फिट नहीं हैं।
T-20 Word cup 2023 in Indiaऐसे में उन्हें आगे आने वाली टी-20 सीरीज में भी नहीं चुना जाएगा। विराट कोहली की अनुपस्थिति में टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर कोलैप्स कर गया और न्यूजीलैंड ने भारत को पहले टी-20 में 21 रनों से हरा दिया।
दूसरे T-20 में सिर्फ 100 रनों का टारगेट टीम इंडिया 19.5 ओवरों में जाकर चेज कर सकी। यह बताने को काफी है कि विराट कोहली की इस टी-20 टीम में क्या अहमियत है! पर बोर्ड सच स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है।
एक बार जरूर नजर डालें:-
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 में विराट की जगह राहुल त्रिपाठी को फर्स्ट डाउन बैटिंग करने भेजा गया। वह 6 गेंदें खेलकर बगैर खाता खोले चलते बने। साफ नजर आ रहा था कि राहुल बड़े शॉट खेलने के लिए उतावले हुए जा रहे थे।
चौथे ओवर की पहली गेंद मिचेल सैंटनर ने थोड़ी धीमी गति से डाल दी। साथ ही ऑफ स्टंप के बाहर से थोड़ी दूर स्पिन भी करवा दिया। नतीजा हुआ कि लगातार डॉट गेंदे खेल कर दबाव में आए राहुल त्रिपाठी ने पुल शॉट खेल दिया। लीडिंग एज मिडविकेट फील्डर के हाथ में।
नतीजा...3.1 ओवर...15 रन...3 विकेट के नुकसान पर। इन हालात में मुकाबला लगभग भारत के हाथ से निकल चुका था।
सूर्यकुमार यादव के 47 और वाशिंगटन सुंदर के 50 ने हार का अंतर जरूर कम कर दिया। पहले टी-20 में हार तय थी और हार हुई। दूसरे मुकाबले में विकेट जरूर थोड़ी खराब खेल रही थी लेकिन 100 रनों का टारगेट बेहद मामूली था।
यहां भी ईश सोढ़ी के 11वें ओवर की चौथी गेंद पर राहुल ने घुटने जमीन पर टिकाए और फुल लेंथ लेग ब्रेक बॉल को आसमान में भेजने की फिराक में लग गए। एलिवेशन नहीं मिला !
और प्लेसमेंट भी गलत हो गया। सीधा डीप मिडविकेट फील्डर के हाथ में। राहुल के बल्ले से 18 गेंदों पर आए थे रह रहे और भारत को 50 के स्कोर पर तीसरा झटका लग गया। टीम इंडिया सूर्यकुमार यादव की संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी के बूते 19.5 ओवरों में यह मुकाबला जीत सकी।
कोहली के लिए हो सकता है सबसे अच्छा -
Rajtecnologytips New photoबीसीसीआई ने श्रीलंका के बाद अब उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले T-20 सीरीज में भी उन्हें नहीं चुना है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि 34 वर्षीय विराट की बजाय क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा। इसे अंग्रेजी में कहते हैं
किंग कोहली का अपमान:-
एंड ऑफ द रोड। गौर करने वाली बात यह है कि T-20 वर्ल्ड कप,2022 में 99 की औसत से 296 रन बनाने के बाद भी विराट कोहली को इस फॉर्मेट में फिट नहीं बताया जा रहा है। यह सब तब हो रहा है, जब विराट ने 3 वर्षों के सूखे के बाद लगातार शतक मारना शुरू किया था।
श्रीलंका के खिलाफ अपने वनडे में करियर का 46वां शतक जड़कर तमाम चाहने वालों को खुशियों से भर दिया था। 34 वर्षीय विराट कोहली ने भारत के लिए 115 टी-20 मुकाबले खेले, जिसकी 107 पारियों की 2,905 गेंदों में सबसे ज्यादा 4008 रन बनाए।
इस दौरान 52.73 की औसत से खेलते हुए विराट ने 1 शतक और 37 अर्धशतक लगाए। विराट ने 138 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 356 चौके और 117 छक्के लगाए।
साल 2022 में ही कोहली ने 1021 दिनों बाद टी-20 फॉर्मेट में शतक जड़कर अपने 3 वर्षों के शतकों का सूखा खत्म किया था। ऐसे में उम्मीद थी कि इस फॉर्मेट में वह नए साल में शतकों का अंबार लगाएंगे।
जल्द ही इंटरनेशनल करियर में 100 शतकों के पार चले जाएंगे। पर अब बीसीसीआई ने इस उम्मीद को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
श्रीलंका के खिलाफ करियर का 74वां शतक जड़ने वाले विराट तूफानी फॉर्म में दिख रहे थे। T-20 इंटरनेशनल से विराट को बाहर करने का मतलब यह है कि अब जल्दी उनके 100 शतकों तक पहुंचने की उम्मीद धुंधली पड़ी है।
सवाल यह खड़ा होता है कि टी-20 वर्ल्ड कप में अगर विराट का प्रदर्शन खराब रहता, तब उनको इस फॉर्मेट से ड्रॉप करने की बात सोची जा सकती थी। पर हकीकत यह है
कि अगर विराट नहीं होता तो दिवाली से 1 दिन पहले भारत पाकिस्तान के हाथों शर्मनाक शिकस्त का सामना करता। 31 के स्कोर पर 4 विकेट गंवा चुकी टीम इंडिया को 160 का टारगेट विराट कोहली ने अपने दम पर चेज करवाया था।
T-20 इंटरनेशनल की सबसे यादगार पारियों में शुमार 53 गेंदों पर 82* रनों का दमदार स्कोर बनाया था। ऐसी में विराट को T-20 से बाहर करना सरासर अन्याय नजर आता है।
अगर उम्र का हवाला दिया जा रहा है, तो 34 साल की उम्र में विराट भारतीय टीम का सबसे फिट खिलाड़ी है। फील्डिंग के मामले में किंग किसी 20 वर्षीय प्लेयर पर भी भारी है।
कहानी इतनी सी नहीं है, जो दिखाई पड़ रही है। सबसे पहले विराट पर 2021 T-20 वर्ल्ड कप से पहले T-20 इंटरनेशनल की कप्तानी छोड़ने का दबाव बनाया गया। फिर जबरन वनडे की कप्तानी से बाहर किया गया।
हालात देखकर विराट ने भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला कर लिया। T-20 वर्ल्ड कप में हार के बाद चयन समिति को बर्खास्त कर दिया गया, लेकिन फिर से चेतन शर्मा पर ही मुख्य चयनकर्ता का दारोमदार सौंप दिया गया।
यह सब बीसीसीआई और इंडियन टीम मैनेजमेंट की नीयत पर सवाल खड़े कर रहा है। फिर भी उम्मीद है कि विराट की प्रतिभा के साथ हो रहा अन्याय जल्द बंद किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट की बेहतरी के लिए विराट को दोबारा T-20 इंटरनेशनल में भारत की तरफ से खेलने का अवसर दिया जाएगा।
किंग कोहली का अपमान... नहीं सहेगा हिंदुस्तान!❤️






