राहत पाने के लिए अपने ये 5 रामबाण उपाय
फोन को दूरांस्मार्टफोन की लत के लिए कोई भी खतरा है। फिर चाहे वो बच्चे हों या फिर बड़े। एक तरफ जहां स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों के बर्ताव में बदलाव आता है। वहीं दूसरी ओर कपल्स के बीच के रिश्ते भी खराब कर सकते हैं। नींद में कमी, व्यक्तिगत संबंधों में समय की कमी आदि कई कारण हैं जो इस परेशानी को जन्म देते हैं।
1. कोई फ़ोन समय निर्धारित न करें:
घर में फोन कहां कहां इस्तेमाल किए जाएंगे ये तय कर दिया, ठीक वैसे ही फोन का इस्तेमाल कब कब और कितने समय तक किया जाएगा ये भी तय कर दें.
जैसे ही आप ऑफिस से घर वापस आने के बाद पूरा परिवार इकट्ठा होते ही फोन को दूर कर दें. ऑफिस से खत्म करके आने के बाद फोन की कोई ऐसी जरुरत होती भी नहीं. और अगर इतना ही जरुरी होगा तो लोग आपको फोन कर ही लेंगे. एक बार ऐसा करके देखिए. नींद भी सही आने लगेगी. शादीशुदा जिंदगी में भी सूकुन दिखेगा. घर और ऑफिस के बीच का बैलेंस भी बना रहेगा. मतलब ये कि जीवन में थोड़ी शांति तो आ ही जाएगी.
2.सोशल मीडिया की सफाई जरुर करें:
समय समय पर सोशल मीडिया से दूरी बनाना रिश्तों के साथ साथ सेहत के लिए भी लाभदायक होता है. हालांकि इसके लिए कोई कायदा नहीं है लेकिन फिर भी आप शुरुआत एक हफ्ते के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाकर कर सकते हैं. इस दौरान आपको ये भी पता चल जाएगा कि सोशल मीडिया की लत ने आपको कितनी बुरी तरह जकड़ रखा है और इससे छुटकारा पाने में आपको कितनी दिक्कत होगी.
शुरुआत में आप सोशल मीडिया के अपने दोस्तों को इस बात की जानकारी दे दें. उसके बाद इसे नियमित तौर पर प्रैक्टिस करें और धीरे धीरे इस समयांतराल को बढ़ाएं.
3.नोटिफिकेशन को बंद कर दें:
बच्चों के अलावा शायद ही ऐसा कोई हो जिसके बकवास, बचकाने बातों को बर्दाश्त कर लेते हैं. नोटिफिकेशन वैसे ही लोगों का वर्चुअल वर्जन है. तो ऐसे लोगों को टाटा बाय बाय करने में हिचकिए मत. नोटिफिकेशन लोगों की हृदय गति को बढ़ा देते हैं, चिंता बढ़ा देते हैं. क्योंकि आपका ध्यान इसी में अटका रहता है कि आखिर मैसेज में क्या लिखा होगा. और अगर तुरंत वो देख नहीं पाए तो बेचैनी होने लगती है. ये लत ही है.
4.दोस्त बनाने की कोशिश करें
बच्चों के होने के बाद लोगों को दोस्त बनाने में दिक्कत होती है. क्योंकि समय की कमी रहती है. लेकिन घर के बाहर भी कुछ दोस्त होने चाहिए. और अगर घर के बाहर आपके संगी साथी नहीं हैं तो फिर दिक्कत है. पैरेंटिंग कभी कभी बहुत फ्रस्ट्रेट करने वाला और अकेला कर देने वाला होता है. ऐसे में फोन को ही अपना साथी बना लेते हैं.
ये सही है कि दोस्तों से बात करने और मिलने का प्लान बनाने के लिए फोन की ट्रेन हो जाती है। लेकिन इस फोन का सही इस्तेमाल किया गया है। प्लान बनाएं, दोस्तों से अपना संबंध बनाएं रखें और उसके बाद फोन को किनारे कर दें।
5. अपने परिवार के लिए समय दें
अपने निजी अनापत्ति के लिए बच्चों को जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन स्मार्टफोन का अधिक उपयोग से बचने में बच्चे लाभ लेते हैं। ये एक बड़ा ही सिंपल सा उपाय है। जब भी आप अपने फोन का उपयोग करने की ट्रेन महसूस करें तो आपके बच्चे या अभिनय के पास चले जाएँ। उनके साथ बैठ गए। बातें करें !


Good 👍
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