Sunday, 29 January 2023

आने वाले समय में 1-2 हफ्तों में देश भर में फैल सकता है कोरोना का नया वैरिएंट? ये हैं इसके लक्षण और बचने का तरीका जाने पूरा हिंदी में -

             New veriant bf 7 in India cases 

COVID 19 के नए सब वैरायटी की एंट्री हो चुकी है और अब हम लोगो को सुरक्षा सूचनाओं के बारे में चेतावनी देते हैं। यह नया वैरिएंट कौन सा है 

और इसके लक्षण क्या हैं? त्योहार के मौसम में क्या सावधानी बरतना? हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं 

दुनिया के कई देशों में COVID-19 का संक्रमण फिर से फैल रहा है। समय के साथ इस वायरस के नए-नए वैरिएंट सामने आ रहे हैं और म्यूटेशन के कारण यह वायरस अपने लक्षण भी बदल रहा है। 

आरोपित के ओमिक्रॉन वैरिएंट के बीएफ.7 सब-वैरिएंट के मामले में भारत में भी सामने आए हैं। आईये जानते हैं इसके लक्षण क्या हैं

COVID-19 के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना से लोगों को थोड़ी राहत ही मिली थी कि फिर से चीन, जापान, अर्जेंटीना, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और संबंधित देशों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

मरीजों के जारी आंकड़ों को देखते हुए भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी फर्जीवाड़ा किया जिसमें कई अहम जजमेंट के लिए गए। चीन में COVID-19 मामलों में उछाल के लिए

जिम्मेदार ओमिक्रॉन के बीएफ.7 वैरिएंट (बीएफ.7) के चार मामले भारत में भी पाए गए। गुजरात में जो 61 साल में एनआरआई महिला बीमारी होने का दावा किया गया था, उसके तीन डोज लगे थे। 

कोरोना वायरस लगातार उत्परिवर्तन हो रहा है और उत्परिवर्तन के कारण इसके लक्षण भी हो रहे हैं। ऐसे कई मामले भी सामने आए हैं जिनमें स्टेक लगने वाले लोग भी कोविड पॉजिटिव हो रहे हैं। 

ऐसे कई लक्षण हैं जिनमें कोई भी इंसान सामान्य धुंधले मानक करता है लेकिन लक्षण कोरोना के भी हो सकते हैं। 

दिसंबर के 31 दिनों में 320 मरीज:-


          नया सक्रिय संस्करण 

दिसंबर के 31 दिनों में 320 मरीज:-

अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर ने बताया कि पिछले तीन हफ्ते से अस्पताल में एक भी मरीज मरीज नहीं है। 

उन्होंने कहा कि अब जब फिर से COVID-19 की बातें हो रही हैं और चीन के मामले आगे बढ़ते हुए देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। 
फीवर वाले की जांच की जाएगी। इसके लिए टीम बनाई गई है। 
अभी 450 बेड और 50 एमआईयू बेड रिजर्व हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके यहां BF.7 का एक भी मरीज नहीं है!

दिल्ली में दिसंबर के 21 दिनों में कोरोना के 131 नए ग्राहकों की पुष्टि हुई है। औसत हर रोज सिर्फ 6.2 मरीज ही सामने आए।

 बुधवार को दिल्ली में कोविड के 2642 की जांच की गई थी और 0.19 पर संक्रमण सेंट दर मिला था। सिर्फ 5 नए लोगों की हुई पहचान। 8 मरीज रिकवर हुए, लेकिन एक मरीज की मौत हो गई।

इंडिया में BF.7 के 4 मरीज मिले हैं अभी तक जानिये पूरा-

चीन में फैल रहे कोरोना के BF.7 स्ट्रेन से पीड़ित 4 मरीज भारत में भी मिले हैं। जुलाई और अक्टूबर के बीच इन मामलों की पुष्टि हुई थी। 

राहत की बात यह है कि अभी तक इस तनाव का संक्रमण भी देश में ओमिक्रॉन के बाकी हिस्सों की तरह ही सामान्य मिला है।

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली समेत देश भर में कोरोना के मामले में कमी आ रही है। न तो अस्पतालीकरण में वृद्धि हो रही है 

और न ही मरीजों की मौत होती है। इससे कहीं न कहीं यह साफ हो रहा है कि यह नजरिया भी उतना ही खतरनाक नहीं है। अगर होता है तो अब तक इसका असर दिखने लगा है।

केसे करता है प्रभाव BF.7

जो 4 मामले मिले हैं, उससे यह पता चल रहा है कि यह घातक नहीं हुआ है। बीमार नहीं हो रहा है। 
यह हल्का दिख रहा है। अगर यह खतरनाक होता है तो इसका असर दिखता है। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
हालांकि डॉक्टर नंदिनी का कहना है कि हमें इस पर नजर रखनी चाहिए 

और अब महामारी आने वाले ज्यादा से ज्यादा जुड़े हुए जिनोम की जांच की जानी चाहिए। उन रोगियों को नजर रखने की जरूरत है और यह पता लगाना चाहिए कि उनकी गंभीरता कितनी है

BF.7 भी ओमिक्रॉन का सब कुछ मानता है। अब तक तो यह सामान्य ही है। उम्मीद है कि भारत में इसका ज्यादा व्यापक असर नहीं होगा।
क्योंकि भारत में डेल्टा के बाद अभी तक कोई भी ऐसा नहीं है, जो उतना ही खतरनाक है।

डेल्टा ने सीवीसी को मजबूत स्थिरता भी दी है। ओमिक्रॉन का आरओ फैक्टर यानी एक संक्रमण से जितना अधिक फैलाव होता है, यह सबसे ज्यादा था

इसके बाकी देशों में 4 से 5 सामने आ रहे थे। दक्षिण अफ्रीका में 6 से 7 चला था, लेकिन भारत में कम हो रहा था। इसकी वजह यह थी 
कि भारत में ओमिक्रॉन का इनक्वीबेशन सीक्वेंस महज दिन का रहा और इस वजह से 15 से 20 दिनों में इसका असर कम हो गया।

क्या आप जानते हैं 


ओमिक्रॉन जब आया था, तब भी इस तरह की बातें हो रही थीं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। चीन ने कोरोना को ठीक से नहीं किया।
उन्होंने अचानक से लॉकडाउन कर लोगों को संबद्धता नहीं होने दिया। जिन बुजुर्ग और बीमार लोगों को बचाना था,

वो नहीं कर पाये। चूंकि उनकी वैक्सीन का असर भी कम था, इसलिए जैसे ही उन्होंने लॉकडाउन हटा दिया, उन पर नए संक्रमण ओमिक्रॉन का हमला हो गया। 

यह इतनी तेजी से फैलता है कि वो इसे बचा नहीं पाते हैं और न ही वहां के लोगों में बनी हुई प्रतिरक्षा इसे रोक पाती है। हां, राहत की बात यह है कि ओमिक्रॉन वैक्सीन की रोक हटाई जा रही है, लेकिन घातक रूप से वहां भी नहीं है।

चीन में मौजूदा कोविड केस बढ़ाने वाला BF.7 वैरिएंट जैसे जेनेटिक्स वैरिएंट फरवरी 2021 के बाद से लगभग 90 देश सामने आ चुके हैं

और ओमिक्रॉन का BA.5 सब-वैरिएंट ग्रुप का हिस्सा है। प्रमाणिकता का कहना है कि भारत में इसके बहुत अधिक प्रभाव होने की संभावना नहीं है 
क्योंकि भारत की अधिकांश आबादी के पास दोहरी प्रतिरोधकता है, प्राथमिकताओं और वैक्सीन से विकसित हुई प्रतिरोधकता।

भारत में मौजूद हैं 10 वैरिएंट:


 वायरल डॉ. गगनदीप कांग

वायरल डॉ. गगनदीप कांग (Dr Gagandeep Kang) के अनुसार,"वर्तमान में भारत में COVID के 10 वैरिएंट हैं
और इसके बावजूद भी कोरोना के मामलों में वृद्धि नहीं हो रही है। BF.7 सब वैरायटी भारत के लिए नया नहीं है। 

हमने पिछले कुछ समय में ओमिक्रॉन के विभिन्न सब-वैरिएंट के कारण कोई भी बड़ी लहर नहीं देखी है इसलिए कहा जा सकता है कि BF.7 भी खतरनाक नहीं होगा।"

इसके अलावा नेजल वैक्सीन के बाजार में आने में अभी एक महीना लगेगा। इस बार मास्क लगाना अनिवार्य होने की संभावना नहीं है।

सरकारी सूत्र का कहना है कि मौत की संख्या ज्यादा होने की आशंका नहीं है, लेकिन मामलों की तादाद ज्यादा हो सकती है। BF.7 वैक्सीन के प्रभाव की जांच की जा रही है। 

गुजरात में BF7 बयान के दो मामले दिखाई देते हैं। अभी एक मरीज में BF7 धारणा की पुष्टि नहीं की गई है और बारीकियों को आगे की जांच के लिए भेजा गया है। 

देश में BF7 धारणा के पहले भी मामले दर्ज किए गए हैं। अक्टूबर में भी एक मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, इस वक्त चीन में ओमिक्रोन का ये नया अनुमान BF7 कहर बरपा रहा है। इसे लेकर भारत में तैयारी शुरू कर दी गई है। 


Note.भीड़-भाड़ वाले इलाके में मास्क जाम पर जोर-


नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने गलत में इस बात पर भी जोर दिया कि अब एक बार फिर सभी भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में नकाबपोश घूमने पर जा रहे हैं। इसके विपरीत दिशा में डोज चयन पर भी जोर दिया गया।


 


अटैचमेंट है कि ओमिक्रोन का ये नया सब-वैरिएंट BF7 डेल्टा से भी काफी अधिक संक्रामक है। ओमिक्रोन की बीएफ7 रोग संबंधी क्षमता को धोखा देने वाला है 

और ये काफी तेजी से फैल गया है। इसका RO 10 से ज्यादा है।  एक पहचान व्यक्ति 19 लोगों को दिखा रहे हैं



No comments:

Post a Comment

YouTube से पैसे कैसे कामये (par month/40000) only 5 steps kare follow

            विज्ञापन से होने वाली आय: डिसप्ले, ओवरले, और वीडियो विज्ञापनों से कमाई करें. चैनल की पैसे चुकाकर ली जाने वाली सदस्यताएं: आपके चै...