कोविड एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कैसे फैलता है?
वर्तमान साक्ष्य बताते हैं कि वायरस मुख्य रूप से उन लोगों के बीच फैलता है जो एक दूसरे के निकट संपर्क में हैं,
उदाहरण के लिए बातचीत की दूरी पर। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, बोलने, गाने या सांस लेने पर उसके मुंह या नाक से छोटे तरल कणों में वायरस फैल सकता है ।
BF7 में यदि Symptoms की बात करें तो कोरोना परिवार का होने के कारण इसके अधिकांश लक्षण कोविड-19 वायरस जैसे ही हैं.
खांसी, जुकाम, बुखार, नाक का चलना कॉमन हैं, जो सबसे अलग उभरकर सामने आया है,वो है पूरी बॉडी में दर्द का होना. डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की बॉडी में कोरोना के कॉमन लक्षण के साथ दर्द बना हुआ है
तो तुरंत चैकअप कराने की जरूरत है. हो सकता है कि नए वेरिएंट की गिरफ्त में हो.
ईश XBB ने देश ही नहीं दुनिया में कहर मचाया : -
- डेल्टा वेरिएंट ने तो हजारों लोगों की जान ले ली. वैक्सिनेशन के बाद लोगों के इम्यून सिस्टम मजबूत हुआ और जो इंफेक्टेड हुए, उनमें भी खुद का प्रतिरोधी तंत्र विकसित हो गया!
- इसी कारण ओमिक्रोन वायरस देश में उतना खतरनाक नहीं रहा. डरावनी बात ये है कि लोगों की बॉडी में जिंदा रहने के लिए वायरस ने खुद को तेजी से म्युटेट करना शुरू कर दिया है.
- कोविड के नए वेरिएंट BF.7 ने देश में दस्तक दे दी है. ये XXB वेरिएंट महाराष्ट्र, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में लोगों को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है.
- विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि अगले दो से 3 सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण हैं. अगर सावधानी नहीं बरती तो देश के कोने कोने में अपने पैर पसार सकता है.
सिंगापुर में अगस्त में XBB वायरस मिला-:
यह BA.2.75 और BJ.1 को मिलकर बना हाईब्रिड वेरिएंट है. यह विश्व के 17 देशों में फेल चुका है. वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस की स्पाईक प्रोटीन की सतह में बदलाव के कारण इस वायरस का जन्म हुआ है.
भारत में बीए 2.75 के केसों की संख्या 88%, जबकि XBB का 7% है. इसी वायरस ने पूरे सिंगापुर को अपनी चपेट में ले लिया था. हालांकि अभी वहां केसों की संख्या घट रही है. अमेरिका में अभी एक्सबीबी वायरस कहर बरपा रहा है.
केसे कर सकता है अटैक XBB
XBB वायरस के बारे में कहा जा रहा है कि इसके लक्षण उतने खतरनाक नहीं है, जितने इसके परिवार के दूसरे सदस्यों के हैं. लेकिन जो परेशान करने वाली बात है, वो ये है कि यह बहुत तेजी से म्युटेट होता है. इसी म्यूटेशन के कारण देश की बड़ी आबादी में इस वायरस की चपेट में आ सकती है. इसके लक्षण भी पुराने कोरोना वायरस जैसे ही हैं.
XBB वायरस से केसे बच सकते हैं
XBB इसलिये अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है क्योंकि इसकी भी प्रोटीन सरफेस की बाहरी सतह में बदलाव देखा गया है.
इससे वायरस में इम्यून इन्वेजन हुआ. इम्यून इन्वेजन का अर्थ है कि जिन लोगों में कोविड वैक्सिनेशन और इंफेक्शन के बाद एंटी बॉडी बनी. वायरस उनसे लड़कर भी बॉडी को बीमार बनाने में कामयाब हो गया.
विकास और संचरण के साथ, यह और अधिक खतरनाक हो जाता है। भले ही यह सबवैरिएंट हल्की बीमारियों का कारण बनता है, संक्रमण दर अधिक होती है। कई शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों के अनुसार,
टीके और बूस्टर खुराक संक्रमण होने से नहीं रोकते हैं, लेकिन वे गंभीरता और रुग्णता के जोखिम को कम करते हैं। टीकाकरण और कोरोना संक्रमण के कारण दुनियाभर में हर्ड इम्युनिटी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है।
हेल्थकेयर पेशेवरों का सुझाव है कि टीके (प्राथमिक और बूस्टर खुराक दोनों) खतरनाक कोरोनावायरस संक्रमणों के खिलाफ सबसे अच्छा बचाव हैं।
चूंकि हमारे पास इस नवीनतम सबवेरिएंट के खिलाफ पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं, स्वास्थ्य सेवा प्रदाता बूस्टर जैब्स, उपयुक्त मास्क पहनने, स्वच्छता और सामाजिक दूरी का सुझाव देते हैं । यदि आप वायरस से संक्रमित हो जाते हैं,
तो खुद को आइसोलेट और क्वारंटीन कर लें। हम सभी अपनी पूर्व-महामारी की दिनचर्या में लौटना चाहते हैं, लेकिन इन निरंतर परिवर्तनों के साथ, हमें यह स्वीकार करने की आवश्यकता है कि इन स्थितियों के साथ अधिक सतर्कता के साथ रहना नया सामान्य है।
Shot buster का कबर फोटो xxb.बूस्टर शॉट से मिल सकती है सुरक्षा जाने केसे :-
भारत वैसे तो कोविड से अधिक सुरक्षित देशों में से एक है, इसका मुख्य कारण अधिकांश लोगों को अब तक वैक्सीन की प्राथमिक दो खुराक मिल चुकी है।
ऐसे लोगों को वैक्सीन की बूस्टर शॉट जरूर ले लेना चाहिए। अध्ययनों में पाया गया है कि समय के साथ वैक्सीन की प्रभावशीलता थोड़ी कम हो सकती है
ऐसे में बूस्टर शॉट की मदद से इम्युनिटी को बूस्ट करने में मदद मिल सकती है। बूस्टर शॉट की दर बढ़ाकर हम अधिक सुरक्षित हो सकते हैं।
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